उत्तरकाशी। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बन रही सिलक्यारा सुरंग में एक बार फिर मलबा गिरने की घटना सामने आई है। पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब 1.5 किलोमीटर अंदर सुरंग की छत से अचानक मलबा गिर गया। घटना के बाद सुरंग के अंदर चल रहा निर्माण कार्य तुरंत रोक दिया गया।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय सुरंग के अंदर कुछ मजदूर और मशीनें काम कर रही थीं। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सभी मजदूरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार सिलक्यारा टनल में अंदर की तरफ लाइनिंग और सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान पोलगांव साइड से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर पहाड़ का एक हिस्सा दरक गया और मलबा सुरंग के अंदर आ गिरा। मलबा गिरने से तेज आवाज हुई और धूल का गुबार फैल गया।

घटना की सूचना मिलते ही साइट पर मौजूद इंजीनियरों ने काम बंद करा दिया। टनल में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा

यह वही सिलक्यारा सुरंग है जहां 12 नवंबर 2023 को बड़ा हादसा हुआ था। तब दिवाली के दिन सिलक्यारा छोर से 260 मीटर अंदर 60 मीटर तक मलबा गिर गया था और 41 मजदूर 17 दिनों तक सुरंग में फंस गए थे। उन्हें कई एजेंसियों के संयुक्त अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उसके बाद से ही इस सुरंग को लेकर सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं।

क्या है मौजूदा स्थिति

प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) की टीम और भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंच गई है। सुरंग के अंदर पहाड़ की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यह भूस्खलन मामूली है, जियोलॉजिकल सर्वे के बाद ही दोबारा काम शुरू किया जाएगा। यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सामान्य है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।